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कोल इंडिया : बदलेगी सत्‍ता या कायम रहेगी विरासत

रांची। कोल इंडिया में इस बार सत्‍ता बदलेगी या चल रही विरासत कायम रहेगी। यह यक्ष प्रश्‍न है। कोल इंडिया चेयरमैन पद के लिए इंटरव्‍यू की पृष्‍ठभूमि तैयार हो गई है। आवेदन करने वाले अफसर कमर कस चुके हैं। अब पाला कोयला मंत्रालय के पास है। पिछले दो बार से कोल इंडिया चेयरमैन की कमान सिंगरैनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) के चेयरमैन को मिलती रही है। इस बार भी वहां के चेयरमैन एन श्रीधर ने इस पद के लिए‍ अपनी दावेदारी जताई है। प्रभारी कोल इंडिया चेयरमैन गोपाल सिंह सहित 35 अफसरों ने आवेदन दिया है। पूर्व कोल इंडिया चेयरमैन एस भट्टाचार्य के 31 अगस्त को रिटायर होने के बाद श्री सिंह को इसकी जिम्मेवारी दी गई है।

राव और भट्टाचार्य दोनों एससीसीएल के
कोल इंडिया चेयरमैन का पद पर बीते दो बार से एससीसीएल के चेयरमैन रहे अधिकारी का ही चयन हो रहा है। एस नरसिंह राव और एस भट्टाचार्य दोनों एससीसीएल के चेयरमैन रह चुके हैं। दोनों भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे। श्री राव बीच में ही इस्‍तीफा देकर तेलंगाना सरकार में सलाहकार बन गए थे। उसके बाद श्री भट्टाचार्य का चयन हुआ।

पहले ही दिया था संकेत
इस बार भी चेयरमैन के पद को लेकर ब्‍यूरोक्रेट बनाम टेक्‍नोक्रेट होगा। दावेदारों से यह बात साफ हो गई है। इसका संकेत 30 दिसंबर 2017 को आपके अपने वेब पोर्टल dainikjharkhand.com ने दिया था। इससे संबंधित समाचार भी आपके  समक्ष पेश किया था। पिछले दो बार से यही स्थिति बन रही है। बताया जाता है कि पावर और रुतबा को लेकर ब्यूरोक्रेट यहां आना चाहते हैं। इससे पहले काफी सालों तक कोल इंडिया के अधिकारी का चयन ही इस पर हुआ था।

बोर्ड करता रहा है चयन
अब तक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के सीएमडी और निदेशक का चयन लोक उद्यम चयन बोर्ड करता रहा है। इंटरव्यू के बाद वह योग्य अफसरों के नाम की अनुशंसा करता है। इसके बाद द अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट मुहर लगाती है। फिर मंत्रालय और कोल इंडिया नियुक्ति की अधिसूचना जारी करता है। कोल इंडिया चेयरमैन के पद के लिए बोर्ड ने इंटरव्‍यू लिया भी था। हालांकि पद के योग्‍य किसी अफसर को नहीं पाया था।

विश्व की सबसे बड़ी कंपनी
कोल इंडिया विश्व की सबसे बड़ी कोयला कंपनी है। यह महारत्न कंपनी है। झारखंड सहित भारत के आठ राज्यों में इसकी 394 खदानें हैं। इसमें 193 भूमिगत खदानें, 177 खुली खदानें और 24 मिश्रित हैं। कोल इंडिया के अधीन आठ सहायक कंपनियां भी काम कर रही हैं। इसमें तीन का मुख्यालय झारखंड में है। इसमें सीसीएल, सीएमडीपीआई और बीसीसीएल शामिल है।

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