ट्रेन चलने से पहले रेस हो गए गोबरहप्पा के ग्रामीण
रांची। राजधानी रांची के कांके के प्रखंड के चंदवे चौक
से आधे किमी की दूरी पर नया रेलवे स्टेशन गोबरहप्पा गांव में बना है। रेलवे ने स्टेशन से दूर के गांव हुन्दुर के नाम पर स्टेशन का नामकरण कर दिया है। इससे गोबरहप्पा
के ग्रामीण नाराज हैं। स्टेशन का नाम गोबरहप्पा करने
की मांग को लेकर ग्राम प्रधान रितेश उरांव,
पंचायत समिति सदस्य नीलमणि तिग्गा के नेतृत्व में मंगलवार
को प्रदर्शन किया। स्टेशन का नाम गोबरहप्पा करने की
मांग की।
यह रेलवे लाइन टाटीसिलवे से
होकर बड़काकाना में मिलेगी। ग्रामीणों ने बताया कि
रेलवे लाईन सुरक्षा और नवनिर्मित स्टेशन को निरीक्षण करने दक्षिण पूर्व रेलवे के डीआरएम मनोज कृष्ण अखौरी सहित
कई अधिकारी आये थे। इन्हें भी मांग पत्र सौंपकर स्टेशन का नाम गोबरहप्पा करने की मांग की गई है। इससे पूर्व ग्रामीणों का संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सांसद
रामटहल चौधरी, विधायक डॉ जीतूचरण राम को
दिया गया है। ग्रामीणों
का कहना है कि शीघ्र स्टेशन
का नाम नहीं बदला गया तो उग्र आंदोलन करने को विवश
होंगे। प्रदर्शन में संजय उरांव, छोटू उरांव, कृष्णा महतो, बाबुलाल मुंडा, उमेश महतो, भगतु उरांव, विजय उरांव, कृति उरांव सहित कई शामिल थे।
110 किमी की गति से दौड़ी ट्रेन
पहली बार 110 किलोमीटर
प्रति घंटे की गति से टाटीसिल्वे से साकी नई रेललाइन में ट्रायल ट्रेन चलायी गयी। इस वर्ष के अंत तक दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेन चलाई जायेगी। रेल मंत्रालय
को प्रस्ताव भेजा गया है। डीआरएम धनबाद मनोज कृष्ण
अखौरी ने यह जानकारी दी।


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