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वित्त मंत्री ने जताई उम्मीद, स्वास्य बीमा योजना साल के अंत तक होगी लागू

  • कहा -सभी राज्य इसे लागू करना पसंद करेंगे
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश ‘‘नीतिगत पंगुता’ के दौर से निकल कर ‘‘ढांचागत सुधार’ के दौर में आ गया है। उनका विास है कि बजट में घोषित स्वास्य बीमा योजना को वर्ष के अंत तक लागू कर दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने उच्च सदन में वर्ष 2018-19 के आम बजट पर हुई र्चचा के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि बजट में घोषित स्वास्य बीमा योजना को लेकर नीति आयोग राज्य सरकारों के साथ विचार- विमर्श करेगा।

जीएसटी के मामले में भी तमाम अड़चनों के बावजूद राज्यों के साथ सर्वसम्मति बनाकर इसे लागू किया गया। जेटली ने कहा कि वह आशावादी हैं और उम्मीद करते हैं कि साल के अंत तक स्वास्य बीमा योजना को लागू किया जा सकता है क्योंकि सभी राज्य इस तरह की योजना को लागू करना पसंद करेंगे।उन्होंने कहा कि नियंतण आर्थिक मंदी की स्थिति के बावजूद केंद्र की राजग सरकार की संरचनात्मक सुधार पहल एवं ठोस नीतियों के कारण भारत की वृद्धि दर पिछले तीन वषों में दुनिया में सर्वोच्च बनी रही और जीएसटी एवं नोटबंदी जैसे कठिन निर्णयों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया का ‘‘उज्जवल प्रकाश पुंज’ है। उन्होंने कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अभी तक इसके दाम हमारे लिए सुविधाजनक दायरे में हैं। सभी जानते हैं कि हम विदेश से तेल खरीदते हैं ओर यदि इसके अंतरराष्ट्रीय दाम बढ़े तो हमारे के लिए कठिनाई होगी।मुद्रास्फीति की र्चचा करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में इसकी औसत दर 3.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

कहा कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के अंतिम तीन वर्ष में मुद्रास्फीति की दर क्रमश 9.4, 10.4 और नौ प्रतिशत रही थी। जबकि वर्तमान राजग सरकार के शासनकाल में पिछले तीन साल में इसकी दर 2.5, तीन और 3.6 प्रतिशत रही। वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस अर्थव्यवस्था की धुंधली तस्वीर पेश कर रही है लेकिन आंकड़े गवाह हैं कि राजकोषीय स्थिति से लेकर सकल घरेलू उत्पाद, मुद्रा स्फीति, विदेशी मुद्रा भंडार जैसे पैमाने पर आज देश की स्थिति कांग्रेस नीत संप्रग की पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में कहीं बेहतर है।

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