5 हजार करोड़ की लागत से जगुआर विमानों की मारक क्षमता और उम्र दोनों बढ़ाने की तैयारी
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है। ऐसे में एयरफोर्स अपने जगुआर विमानों को अपग्रेड करने के प्लान पर आगे बढ़ रही है। करीब 5 हजार करोड़ की लागत से जगुआर विमानों की मारक क्षमता और उम्र दोनों बढ़ाने की तैयारी है। इससे हिंदुस्तान की आसमानी सुरक्षा और मजबूत होगी । पिछले 40 साल से भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल जगुआर लड़ाकू विमान अब थक चुके हैं। लेकिन, अभी भी जगुआर हिंदुस्तान की आसमानी सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है। मौका पड़ते ही दुश्मनों पर काल बन कर टूट पड़ता है। वायुसेना जानती है कि नए लड़ाकू विमानों की खरीददारी में अभी वक्त लगेगा। ऐसे में कमजोर पड़ चुके जगुआर लड़ाकू विमानों को अपग्रेड यानी नई ताकत देने की पूरी तैयारी हो चुकी है।
जगुआर से जुड़ी बड़ी बातें
भारत को पूर्व में चीन और पश्चिम में पाकिस्तान से खतरा है। वायुसेना एक साथ दोनों ही मोर्चों पर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है,लेकिन, एक सच ये भी है कि भारतीय वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों की कमी है। पुराने पड़ चुके विमान धीरे-धीरे वायुसेना से रिटायर हो रहे हैं। फ्रांस के साथ राफेल विमानों की खरीद के लिए डील हो चुकी है लेकिन, नए विमानों के आने में अभी वक्त लगेगा। ऐसे में, मिग-29 और मिराज-2000 विमानों को अपग्रेड करने का काम किया जा रहा है। जिससे युद्ध की स्थिति में दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके ।
जगुआर से जुड़ी बड़ी बातें
- भारतीय वायुसेना में जगुआर विमानों के 5 स्क्वाड्रन हैं
- विमानों को अपग्रेड करने पर 5 हजार करोड़ खर्च होंगे
- विमानों में नए इंजन और कम्युनिकेशन सिस्टम लगेंगे
- इससे जगुआर विमानों की मारक क्षमता बढ़ जाएगी
- अपग्रेड होने से जगुआर विमानों की उम्र 15-20 साल बढ़ जाएगी
- भारत में लड़ाकू विमानों के 34 स्क्वॉड्रन है
- लड़ाकू विमानों की 42 स्क्वॉड्रन की जरुरत है
- एक स्क्वॉड्रन में 18 विमान होते है
भारत को पूर्व में चीन और पश्चिम में पाकिस्तान से खतरा है। वायुसेना एक साथ दोनों ही मोर्चों पर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है,लेकिन, एक सच ये भी है कि भारतीय वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों की कमी है। पुराने पड़ चुके विमान धीरे-धीरे वायुसेना से रिटायर हो रहे हैं। फ्रांस के साथ राफेल विमानों की खरीद के लिए डील हो चुकी है लेकिन, नए विमानों के आने में अभी वक्त लगेगा। ऐसे में, मिग-29 और मिराज-2000 विमानों को अपग्रेड करने का काम किया जा रहा है। जिससे युद्ध की स्थिति में दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके ।

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