वासेपुर के वारंटियों ने किया पुलिस को रौंदने का प्रयास, जवान ने की फायरिंग
धनबाद। वासेपुर के दो वारंटियों को पकड़ने गई पुलिस पर एसयूवी कार चढ़ाने का प्रयास किया गया। बचते-बचाते पुलिस वालों ने तीन राउंड हवाई फायरिंग की, लेकिन वारंटी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। रविवार की शाम साढ़े चार बजे भूली मोड़ की भीड़भाड़ वाली जगह पर पुलिस और वारंटी की रस्साकसी से आम लोग सकते में आ गए। बैंक मोड़ पुलिस की टीम वासेपुर के एक रिकवरी एजेंट के दो चचेरे भाइयों को दबोचने के लिए न्यू मटकुरिया कॉलोनी गई। दोनों के खिलाफ रंगदारी और मारपीट के मामले में कोर्ट से वारंट जारी है।
बीते साल सितंबर माह में नगर निगम के एक ठेकेदार ने आरोपी पिंटू सिंह और सिंटू के खिलाफ बैंक मोड़ थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दोनों भाई अपने घर में हैं। इस सूचना पर पुलिस उनके घर में दबिश देने गई। लोगों ने बताया कि एक के बाद एक पुलिस ने तीन फायरिंग की। हालांकि पुलिस फायरिंग की बात से इनकार कर रही है। उल्टी कार लेकर भागे वारंटी, देखते रह गई पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस को देखकर पिंटू और सिंटू तंग गली में अपनी गाड़ी को तेजी से बैक करने लगे। पुलिस आगे से दौड़ी। एक एएसआई और तीन जवान बाहर से गाड़ी की खिड़की और दरवाजे पीट रहे थे, लेकिन दोनों भाई तेजी से अपनी गाड़ी भगाते हुए भूली मोड़ की ओर जाने लगे। तेजी से भागने के दौरान कार ने एक तिलकुट दुकान में टक्कर मार दी। दुकानदार ने किसी तरह अपनी जान बचाई। टक्कर से उसकी दुकान का काउंटर टूट गया और तिलकुट जमीन पर बिखर गए। बगल की एक दुकान का आटा भी सड़क पर गिर गया।
निगम कार्यालय में प्लंबर से मारपीट का है आरोप
पिंटू सिंह और सिंटू सिंह सहित चार से पांच अज्ञात के खिलाफ नगर निगम के प्लंबर अशोक बारिक ने 17 सितंबर 2017 को बैंक मोड़ थाने में केस दर्ज कराया था। आरोप है कि बैंक मोड़ स्थित पुराने नगर निगम कार्यालय में घुस कर दोनों भाइयों ने धनसार निवासी अशोक के साथ मारपीट की थी। जेब से सात हजार रुपए और गले से सोने की चेन छीन लिए थे। दोनों भाइयों ने उससे रंगदारी मांगी थी।
सूचना पर वारंटियों को पकड़ने के लिए पुलिस गई। पुलिस को देखकर दोनों आरोपी गाड़ी से भागने लगे। पुलिस ने खदेड़ कर उन्हें पकड़ना चाहा। फायरिंग नहीं हुई है। टायर फटने की आवाज से लोगों को भ्रम हुआ है। शमीम अहमद, इंस्पेक्टर, बैंक मोड़
बीते साल सितंबर माह में नगर निगम के एक ठेकेदार ने आरोपी पिंटू सिंह और सिंटू के खिलाफ बैंक मोड़ थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दोनों भाई अपने घर में हैं। इस सूचना पर पुलिस उनके घर में दबिश देने गई। लोगों ने बताया कि एक के बाद एक पुलिस ने तीन फायरिंग की। हालांकि पुलिस फायरिंग की बात से इनकार कर रही है। उल्टी कार लेकर भागे वारंटी, देखते रह गई पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस को देखकर पिंटू और सिंटू तंग गली में अपनी गाड़ी को तेजी से बैक करने लगे। पुलिस आगे से दौड़ी। एक एएसआई और तीन जवान बाहर से गाड़ी की खिड़की और दरवाजे पीट रहे थे, लेकिन दोनों भाई तेजी से अपनी गाड़ी भगाते हुए भूली मोड़ की ओर जाने लगे। तेजी से भागने के दौरान कार ने एक तिलकुट दुकान में टक्कर मार दी। दुकानदार ने किसी तरह अपनी जान बचाई। टक्कर से उसकी दुकान का काउंटर टूट गया और तिलकुट जमीन पर बिखर गए। बगल की एक दुकान का आटा भी सड़क पर गिर गया।
निगम कार्यालय में प्लंबर से मारपीट का है आरोप
पिंटू सिंह और सिंटू सिंह सहित चार से पांच अज्ञात के खिलाफ नगर निगम के प्लंबर अशोक बारिक ने 17 सितंबर 2017 को बैंक मोड़ थाने में केस दर्ज कराया था। आरोप है कि बैंक मोड़ स्थित पुराने नगर निगम कार्यालय में घुस कर दोनों भाइयों ने धनसार निवासी अशोक के साथ मारपीट की थी। जेब से सात हजार रुपए और गले से सोने की चेन छीन लिए थे। दोनों भाइयों ने उससे रंगदारी मांगी थी।
सूचना पर वारंटियों को पकड़ने के लिए पुलिस गई। पुलिस को देखकर दोनों आरोपी गाड़ी से भागने लगे। पुलिस ने खदेड़ कर उन्हें पकड़ना चाहा। फायरिंग नहीं हुई है। टायर फटने की आवाज से लोगों को भ्रम हुआ है। शमीम अहमद, इंस्पेक्टर, बैंक मोड़

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