जेसीआई से समाज में मेरी पहचान : राखी जैन
रांची। सामाजिक और व्यक्तित्व
विकास की संस्था है जूनियर चैंबर इंटरनेशनल। इसकी उत्पति कोलकाता से हुई। अभी पूरे
भारत के साथ-साथ विश्व के कई देशों में इसकी शाखा है। मुख्यालय मुंबई में है। वहीं
से सभी को दिशा-निर्देश दिया जाता है। यहां उच्च पद पाना सबकी चाहत होती है।
वहां तक पहुंचने में सदस्यों को काफी वक्त लग जाता है। हालांकि राखी जैन ने
काफी कम समय में यह मुकाम हासिल किया। मंडल अध्यक्ष बनने वाली झारखंड की वह पहली महिला
है। मंडल-तीन का भागौलिक क्षेत्र देश में सबसे बड़ा है। देश भर में जेसीआई के 25 जोन
हैं। राखी झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली है। वह कहती है कि जेसीआई से समाज में मेरी पहचान है।
उन्होंने आपके अपने न्यूज वेब पोर्टल dainaijharkhand.com से विस्तार से बात की। अपने सफर, उपलब्धि और लक्ष्य को साझा किया।
उड़ान से हुई शुरुआत
राखी के मुताबिक वर्ष
2012 में उन्होंने जेसीआई रांची उड़ान का गठन किया। वर्ष 2012-13 तक इसकी अध्यक्ष
रही। शुरुआत 50 सदस्यों से की। आज इस संस्था के 111 सदस्य हैं। यहां से उनकी सफर
शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
तीन साल में मंडल
अध्यक्ष
राखी ने महज तीन साल
में उड़ान से के प्रेसीडेंट से लेकर जोन डायरेक्टर का सफर तय कर किया। जेसीआई में
राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2014 में जोन डायरेक्टर बनी। इसके तीन साल बाद मंडल अध्यक्ष।
यानी 2017 में मंडल-तीन की अध्यक्ष बनी। इस बीच वर्ष 2015 में मंडल उपाध्यक्ष रही।
मंडल अध्यक्ष रहने के दौरान उनका कार्यक्षेत्र बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और प. बंगाल रहा।
महिला कार रैली कराई
राखी के अनुसार मंडल
अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने मुख्यालय से मिले लक्ष्य को पूरा किया। महिला कार रैली
कराई। इसका बेहतर रिस्पांस मिला। कई इलाकों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने
के लिए सुजल योजना के तहत वाटर प्यूरीफाई लगवाया। बाढ़ पीडि़तों की मदद की।
कई पुरस्कार मिले
राखी बताती है कि
मंडल अध्यक्ष रहते हुए उन्हें अवार्ड फॉर ग्रोथ से सम्मानित किया गया। शत प्रतिशत
लक्ष्य पानी के लिए मेडल, प्रमाण पत्र और पिन मिला। इस मंडल को वर्षों बाद यह आवार्ड मिला। विश्व महिला
दिवस पर झारखंड के राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के हाथों भी सम्मानित हो चुकी है।
नया चैप्टर खोलना
लक्ष्य
राखी वर्तमान में
पूर्वी भारत की नेशनल को-ऑर्डिनेटर (विकास और विस्तार) है। एक साल वह इस पद पर रहेगी। उनका लक्ष्य कार्यकाल के दौरान 15 नया चैप्टर
खोलना है। वह कहते हैं कि सदस्यों ने हमें बहुत प्यार और सम्मान दिया है। उनका मैं
ऋणी हूं। आगे भी सेवा करती रहूंगी।






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