गरीब होंगे, तभी इस स्कूल में होगा नामांकन
रांची। स्कूल तो आपको बहुत मिलेंगे। नामी-गिरामी, छोटे-बड़े भी। स्कूल में नामांकन की अपनी योग्यता भी होती है। यह स्कूल इन सबसे अलग है। इसमें नामांकन की योग्यता भी अन्य स्कूलों से जुदा है। इस स्कूल में नामांकन के लिए बच्चों का बेहद गरीब होना जरूरी है। यह स्कूल झारखंड की राजधानी रांची से सटे कांके प्रखंड के बुकरू गांव में 15 जनवरी को खुला। इसमें फिलहाल 30 बच्चों का नामांकन हो चुका है। इसका संचालन कोल इंडिया की सहायक कंपनी सीसीएल सीएसआर के तहत करेगी। यहां पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर इंसान बनाना लक्ष्य है। नौवीं कक्षा के बाद उन्हें कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। क्षमता के अनुसार मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईटीआई कराया जाएगा। इस स्कूल में शिक्षकों के लिए भी अलग योग्यता तय किया गया है। बच्चों को पढ़ाने के लिए रिटायर्ड अफसर और गृहिणी होंगे। सीसीएल के अफसर भी स्वेच्छा से यहां पढ़ा सकते हैं। रिटायर टीचर को भी पढ़ाने का मौका मिलेगा। समाजसेवा की भावना होने पर यहां आकर बच्चों को पढ़ा सकते हैं। इस स्कूल का उद्घाटन 15 जनवरी को कोल इंडिया के प्रभारी चेयरमैन गोपाल सिंह ने किया।
इस अवसर पर श्री सिंह ने कहा कि स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। सीसीएल के चिकित्सक प्रतिमाह बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर गांधीनगर केंद्रीय अस्पताल में भी उन्हें उपचार की सुविधा प्राप्त होगी। मौके पर चिकित्सकों की टीम ने सभी बच्चों की चिकित्सीय जांच की। सभी स्वस्थ्ा पाये गये हैं।
निदेशक (कार्मिक) आरएस महापात्र ने कहा कि सीसीएल
ने आज इतिहास रचा है। अध्यक्ष गोपाल सिंह की सकारात्मक सोच समाज के उत्थान के
लिए समर्पित है। इस स्कूल से समाज के गरीब बच्चे लाभान्वित होंगे। राष्ट्र के
निर्माण में अहम योगदान निभायेंगे।
प्रारंभ में बच्चों को चार सेट यूनिफार्म दिया
जायेगा। उनके लिए स्टेशनरी, किताबें, स्कूल बैग, दोपहर
का भोजन आदि सभी सीसीएल द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इस अवसर पर सीसीएल
के निदेशक (वित्त) डीके घोष, निदेशक (तकनीकी/संचालन) सुबीर चन्द्रा, निदेशक
(योजना/परियोजना) एके मिश्रा, सीवीओ एके श्रीवास्तव, अर्पिता महिला कल्ब
की अध्यक्षा श्रीमती प्रमिला सिंह, महिला विप्स विंग की सदस्य भी उपस्थित
थे।

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